Saturday, February 2, 2019

पिरामिड (छलावा)


(1)
है
माया
जीवन
मिथ्या तन
मृत्यु अटल
दौलत छलावा
परोपकार धर्म
(2)
है
सत्य
ईश्वर
प्रेम श्रेष्ठ
नश्वर काया
सांसों की माया
जग एक छलावा

***अनुराधा चौहान***

12 comments:

  1. वाह !! बहुत सुन्दर सखी
    सादर

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    1. सस्नेह धन्यवाद प्रिय अनिता जी

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  2. बहुत खूब सुंदर अभिव्यक्ति

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  3. Replies
    1. बहुत बहुत आभार आदरणीय

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  4. जग एक छलावा ...
    पर कहाँ समझ पाते हैं हम ... समझते हैं यही सच है ...

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    1. सही कहा आपने आभार आदरणीय

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  5. हाईकू विधा के बारे में तो पता था। आज आपके माध्यम से पिरामिड का भी पता चल गया। धन्यवाद।
    मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।
    iwillrocknow.com

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